जम्मू , सितंबर 20 -- डोगरी संस्था जम्मू ने कुंवर वियोगी मेमोरियल ट्रस्ट (केवीएमटी) के सहयोग से शनिवार को यहां प्रसिद्ध रंगकर्मी और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित बलवंत ठाकुर को रंगमंच, प्रदर्शन कला और जम्मू की सांस्कृतिक विरासत में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 'कुंवर वियोगी साहित्य कला सम्मान-2026' से अलंकृत किया।

पुरस्कार समारोह ने कलात्मक श्रेष्ठता का जश्न मनाने के साथ-साथ प्रसिद्ध डोगरी कवि और सांस्कृतिक ध्वजवाहक, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता कुंवर वियोगी की विरासत को आगे बढ़ाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि, जम्मू-कश्मीर चुनाव विभाग के मुख्य चुनाव अधिकारी और प्रधान सचिव/आयुक्त सचिव संजीव वर्मा ने की।

डोगरी संस्था जम्मू के अध्यक्ष पद्मश्री ललित मगोत्रा ने डोगरी भाषा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता और इसकी प्राचीनता एवं विकास पर शोध के लिए संजीव वर्मा की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री वर्मा का कार्य और अधिक गहन अकादमिक अध्ययन एवं दस्तावेजीकरण का हकदार है। उन्होंने इसे डोगरी के प्रति उनकी विद्वत्तापूर्ण प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रमाण बताया।

श्री कुंवर वियोगी के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए श्री मगोत्रा ने दिवंगत कवि से अपने संबंधों और अखनूर के गौर गांव तथा फाटू चुगान में उनकी जड़ों का जिक्र किया।उन्होंने 'घर' और 'पहलियां बंगा' सहित श्री वियोगी की साहित्यिक कृतियों और लगभग 200 डोगरी सॉनेट के उनके उल्लेखनीय योगदान का जिक्र किया।

श्री मगोत्रा ने अपने पिता की दृष्टि को आगे बढ़ाने और डोगरी भाषा, साहित्य व संस्कृति के संवर्धन के लिए नये मंच तैयार करने के उद्देश्य से कुंवर वियोगी की बेटी और केवीएमटी की संस्थापक पूनम सिंह जमवाल के योगदान की भी सराहना की।

श्री बलवंत ठाकुर को "ह्यूमन डायनेमो" बताते हुए श्री मगोत्रा ने 'नटरंग' की स्थापना, 'रविवार रंगमंच' की अनूठी पहल, बच्चों एवं युवाओं को रंगमंच से जोड़ने के उनके प्रयासों और एक नाटककार के रूप में उनके विपुल योगदान का जिक्र किया।

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