पटना , सितंबर 24 -- ला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के अंतर्गत भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना की ओर से पद्मश्री पंडित हरि उप्पल की स्मृति में 'पद्मश्री पंडित हरि उप्पल नृत्य महोत्सव 2026' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंडित हरि उप्पल के कला एवं नृत्य के क्षेत्र में योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
कार्यक्रम का उद्घाटन सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी के द्वारा किया गया। इस अवसर पर भारतीय नृत्य कला मंदिर की प्रशासी पदाधिकारी श्रीमती अमृता प्रीतम सहित विभागीय पदाधिकारी, प्रशिक्षक, कलाकार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मंच संचालन श्रीमती सोमा चक्रवर्ती ने किया।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी ने अपने संबोधन में पद्मश्री पंडित हरि उप्पल के कला एवं नृत्य के क्षेत्र में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महान कलाकारों की कला-साधना और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने में प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. एस. मेदिनी होम्बल द्वारा भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुति से हुई। इसके बाद भारतीय नृत्य कला मंदिर के ओडिसी विभाग की छात्राओं ने 'मार्गी ध्यानम्' की प्रस्तुति दी।
कथक विभाग की छात्राओं ने 'कृष्णलीला एवं पारंपरिक कथक नृत्य' की प्रस्तुति दी, जबकि भरतनाट्यम विभाग की छात्राओं ने 'विनायक कृति' नृत्य प्रस्तुत किया। विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों एवं छात्र-छात्राओं ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और समृद्ध परंपरा को मंच पर साकार किया।
कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने कलाकारों एवं छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों का तालियों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया। पद्मश्री पंडित हरि उप्पल नृत्य महोत्सव उनके कला-साधना एवं भारतीय नृत्य के क्षेत्र में योगदान को स्मरण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी के कलाकारों को शास्त्रीय नृत्य परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर बना।
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