हैदराबाद , अक्टूबर 04 -- धातु विज्ञान, पदार्थ विज्ञान और परमाणु अनुसंधान के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रसिद्ध, पद्मविभूषण से सम्मानित प्रख्यात वैज्ञानिक प्रोफेसर पल्ले रामा राव का शनिवार रात हैदराबाद के श्रीनगर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे।

उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। 30 जून 1937 को कुरनूल में जन्मे रामा राव ने बेंगलुरु, मद्रास, आंध्र और बनारस विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय से मटीरियल्स साइंस में पोस्ट-डॉक्टरल शोध किया।

उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने रक्षा धातुकर्म अनुसंधान प्रयोगशाला (डीएमआरएल) के निदेशक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा महासागर विकास विभागों के सचिव, परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के अध्यक्ष, हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति और एआरसीआई के अध्यक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला। उन्होंने डीआरडीओ (डीआरडीओ) और इसरो (इसरो) में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक/प्रोफेसर के रूप में भी अमूल्य योगदान दिया।

प्रो. रामा राव ने हैदराबाद में एआरसीआई और एनएफटीडीसी, चेन्नई में राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान तथा दिल्ली में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड सहित कई प्रमुख संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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