खैरागढ़ , नवंबर 02 -- छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में शासकीय कार्यक्रम की कवरेज करने पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार किशोर सोनी के साथ कथित मारपीट का मामला आज सामने आया है । मामले के सामने आने के बाद पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन के बीच छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के संबंधित जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना को लेकर जिले के पत्रकारों ने फतेह सिंह मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर करीब दो घंटे तक धरना दिया और दोषी जवान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले की कवरेज के दौरान यह घटना हुई। जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर ने बताया कि वरिष्ठ पत्रकार किशोर सोनी कार्यक्रम स्थल पर समाचार संकलन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वे अपनी बाइक साइड कर रहे थे, तभी वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद जिले के पत्रकारों में आक्रोश फैल गया। पत्रकार संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पत्रकार फतेह सिंह मैदान के मुख्य गेट पर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित जवान को तत्काल निलंबित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से रूपेश कुमार डांडे ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लिया। संबंधित सीएएफ जवान के विरुद्ध कमांडेंट के माध्यम से निलंबन की कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही प्रकरण की प्राथमिक जांच शुरू करा दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर ने बताया कि पत्रकार करीब दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे। उनकी प्रमुख मांग किशोर सोनी के साथ मारपीट करने वाले जवान को तत्काल निलंबित करने की थी। उन्होंने कहा कि पत्रकार संघ की ओर से पूर्व में भी विभिन्न स्थानीय समस्याओं और प्रशासनिक मामलों को लेकर कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
गौर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पत्रकार संघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापनों पर ही कार्रवाई नहीं होती, तो आम नागरिकों की शिकायतों को लेकर प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने पत्रकारों की पूर्व से लंबित मांगों पर भी शीघ्र कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता जताई।
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