नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- दिग्गज पत्रकार और ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) के भारत और दक्षिण एशिया क्षेत्र के पूर्व संवाददाता मार्क टुली का रविवार को नयी दिल्ली में निधन हो गया। वह करीब 90 वर्ष के थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के 'पद्मभूषण' अलंकरण से सम्मानित श्री टुली की पत्रकारिता में भारत के प्रति उनके लगाव का उल्लेख करते हुए उनके निधन पर दु:ख प्रकट किया है। श्री मोदी ने श्री टुली के परिवार, मित्रों और उनके चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त् की है।

श्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'पत्रकारिता की दुनिया की एक बड़ी हस्ती, सर मार्क टुली के निधन से दुख हुआ। भारत और हमारे देश के लोगों के साथ उनका जुड़ाव उनके काम में झलकता था। उनकी रिपोर्टिंग और सोच ने सार्वजनिक विमर्श पर एक गहरी छाप छोड़ी है। उनके परिवार, दोस्तों और कई चाहने वालों के प्रति संवेदनाएं।'ब्रिटेन के नागरिक श्री टुली की ख्याति ऐसी थी कि लोग उन्हें 'दिल' से भारतीय कहा करते थे। उनका जन्म 1935 में कोलकाता में हुआ था और वहीं उनका बचपन बीता। फिर वह अपनी स्कूली शिक्षा के लिए दार्जलिंग के बोर्डिंग स्कूल चले गये। इक्कीस साल की उम्र में वह कॉलेज की पढ़ाई के लिए लंदन चले गये।

कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पादरी बनने के लिए सोचा, लेकिन वह फौज में चले गये। दो साल तक फौज में रहने के बाद और कुछ पठन-पाठन करने के बाद वह पत्रकारिता के क्षेत्र में उतर गये।

श्री टुली बीबीसी से लगभग तीन दशक तक जुड़े रहे और वहाँ से इस्तीफा देने के बाद स्वतंत्र पत्रकारिता करते रहे। भारत सरकार ने उन्हें 2002 में पद्म भूषण से नवाजा। ब्रिटिश सरकार ने भी उन्हें नाइटहुड की उपाधि दी थी।

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