दरभंगा , जून 18 -- बिहार में दरभंगा जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक में एक हिंदी समाचार पत्र के केवटी प्रखंड संवाददाता विजय कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय दिया और मामले को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार प्रो. हरि नारायण सिंह ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार से जुड़े मामले में कानूनसम्मत तरीके से लड़ाई लड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुकदमे के विभिन्न पहलुओं पर विधि विशेषज्ञों से परामर्श लिया जाएगा, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात पत्रकारों की एकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पत्रकारों को संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी तथा तथ्यों के आधार पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।
बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और पत्रकारों को अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते समय अनावश्यक दबावों का सामना नहीं करना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे मामलों में पत्रकार समाज को भयभीत होने के बजाय एकजुटता का परिचय देना चाहिए, जिससे पत्रकारिता की स्वतंत्रता और निष्पक्षता कायम रह सके।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग करेगा।
वक्ताओं ने कहा कि यह समय व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक रूप से खड़े होने का है। पत्रकारों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर पत्रकारिता के मूल्यों तथा अधिकारों की रक्षा की जा सकती है।
बैठक का मुख्य संदेश पत्रकारों के बीच एकता, आपसी सहयोग और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास को मजबूत करना रहा।
गौरतलब है कि केवटी प्रखंड के प्रमुख जिवछी देवी द्वारा एक आरटीआई एक्टिविस्ट इकबाल अंसारी और संवाददाता विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ भया दोहन करने एवं अनुसूचित जाति अधिनियम के तहत 7 जून को एक प्राथमिकी संख्या 176/26 केवटी थाना में दर्ज कराया गया था। इसी मामले में 14 जून को गिरफ्तारी की गई है।
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