दरभंगा , अक्टूबर 12 -- लित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. आर.एन. चौरसिया ने कहा कि पत्रकारिता और नैतिकता एक-दूसरे के पूरक हैं। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय अंग्रेजी विभाग में सोमवार को 'डिजिटल लोकतंत्र में सार्वजनिक सूचना की मीडिया जिम्मेदारी एवं नैतिकता' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. चौरसिया ने कहा कि नैतिक पत्रकारिता सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है तथा लोकतंत्र को मजबूत बनाने में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा किपत्रकार का धर्म सत्य को सामने लाना, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना और जनहितों की रक्षा करना है। पत्रकारिता में सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, स्वतंत्रता और मानवीय संवेदनशीलता की आवश्यकता आज और बढ़ गई है। नैतिक पत्रकारिता सरकार एवं प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी सहायक होती है।

मानविकी संकाय की अध्यक्ष एवं अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. पुनिता झा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के शुभारंभकर्ता छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार मेहता थे। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. झा ने कहा कि पत्रकार आम जनता और शासन-प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने का काम करता है। पत्रकारिता की सफलता उसकी विश्वसनीयता और नैतिकता पर निर्भर करती है। डिजिटल युग में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और इसके साथ अनेक नैतिक चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

विद्यार्थियों ने डिजिटल मीडिया की भूमिका, सोशल मीडिया पर सूचना के प्रसार, फर्जी खबरों एवं भ्रामक सूचनाओं की चुनौती, मीडिया की निष्पक्षता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा सार्वजनिक जीवन में सूचना के नैतिक उपयोग जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने सूचना की सत्यता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. वीरेन्द्र कुमार मिश्रा ने किया। डॉ. नवीन कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया तथा डॉ. संकेत कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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