पटना , अक्टूबर 30 -- पूर्व राज्यसभा सांसद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, प्रसिद्ध उद्योगपति और हिंदुस्तान समाचार बहुभाषी समाचार एजेंसी के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र किशोर सिन्हा (आर.के. सिन्हा) का पार्थिव शरीर शुक्रवार की रात दिल्ली से पटना पहुंच गया। उनके पार्थिव शरीर को पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में रखा जाएगा, जहां शनिवार को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे अन्नपूर्णा भवन से उनकी अंतिम यात्रा दीघा घाट के लिए रवाना होगी।

श्री सिन्हा का आज नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजनीतिक, औद्योगिक और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गयी है। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद सहित प्रमुख नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

22 सितंबर 1951 को बिहार के बक्सर में जन्मे आर.के.सिन्हा का जीवन संघर्ष, साहस, उद्यमशीलता और सामाजिक सरोकारों की प्रेरक मिसाल रहा। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पटना में हुई। इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने युद्ध संवाददाता के रूप में रिपोर्टिंग की थी। उस समय वह पटना के अंग्रेजी दैनिक 'द सर्चलाइट' से जुड़े हुए थे। युद्ध के दौरान उनकी पत्रकारिता ने उन्हें कम उम्र में ही एक अलग पहचान दिलायी।

श्री सिन्हा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों से प्रभावित होकर वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन से जुड़े। आपातकाल के दौरान भी उन्होंने लोकतांत्रिक आंदोलन से जुड़े नेताओं और उनके परिवारों की मदद की। वह जनसंघ के दौर से ही राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे और भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती नेताओं में उनकी गिनती होती थी।

पूर्व राज्य सभा सांसद की उद्यमशीलता का सबसे उल्लेखनीय अध्याय सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (एसआईएस) समूह की स्थापना है। उन्होंने वर्ष 1974 में पटना के एक छोटे से गैराज से इस संस्थान की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद सेना से सेवानिवृत्त जवानों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना था। अपनी दूरदृष्टि, परिश्रम और संगठनात्मक क्षमता के बल पर उन्होंने एक छोटे उद्यम को देश की प्रमुख निजी सुरक्षा सेवा कंपनियों में स्थापित कर दिया। आगे चलकर एसआईएस समूह का कारोबार विदेशों तक विस्तारित हुआ और यह बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने वाला प्रतिष्ठित व्यावसायिक समूह बन गया।

राजनीतिक क्षेत्र में भी उन्होंने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। भाजपा ने उन्हें वर्ष 2014 में बिहार से राज्यसभा भेजा। वह 10 अप्रैल 2014 से 9 अप्रैल 2020 तक उच्च सदन के सदस्य रहे।

अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, स्वच्छ गंगा, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विभिन्न संसदीय बहसों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही।

श्री सिन्हा ने पत्रकारिता से अपने पुराने जुड़ाव को कायम रखते हुए उन्होंने हिंदुस्तान समाचार बहुभाषी समाचार एजेंसी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। पत्रकारिता, उद्योग और राजनीति तीनों क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलायी। एक पत्रकार से सफल उद्यमी और फिर संसद तक का उनका सफर उनकी बहुआयामी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का परिचायक रहा।

पारिवारिक जीवन में उनकी पत्नी रीता किशोर सिन्हा हैं। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं। पुत्र ऋतुराज किशोर सिन्हा भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और एसआईएस समूह के प्रबंध निदेशक हैं, जबकि पुत्री का नाम रिवोली सिन्हा है। उनकी पत्नी रीता किशोर सिन्हा भी एसआईएस लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं।

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