बैतूल , नवंबर 01 -- बैतूल जिला न्यायालय ने पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या करने के मामले में आरोपी पति सुखराम सेलूकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपलियाल की अदालत ने 29 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया। मामले में चश्मदीद 13 वर्षीय बेटी अदालत में अपने बयान से मुकर गई थी, लेकिन डीएनए जांच सहित वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
अभियोजन के अनुसार, घटना 3 अगस्त 2025 की रात करीब दो बजे ग्राम चिखली के पटवारीढाना स्थित खेत के मकान में हुई थी। वहां 45 वर्षीय सुम्मी बाई का खून से लथपथ शव मिला था। महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। पुलिस जांच में पति सुखराम पर संदेह हुआ। ग्रामीणों ने बताया था कि दंपति के बीच अक्सर विवाद होता था और घटना की रात भी खाना बनाने की बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था।
मामले में दंपति की 13 वर्षीय बेटी घटना के समय घर पर मौजूद थी। उसने पुलिस को बताया था कि उसने अपने पिता को मां पर कुल्हाड़ी से हमला करते देखा था। अदालत में भी उसने शुरुआत में यही बयान दिया, लेकिन बाद में सुनवाई के दौरान वह अपने बयान से मुकर गई और घटना देखने से इनकार कर दिया।
इसके बाद अभियोजन ने वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर दिया। विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक दिलीप यादव ने घटनास्थल से खून से सने कपड़े और मिट्टी के नमूने तथा आरोपी के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे एफएसएल जांच के लिए भेजे थे। डीएनए जांच रिपोर्ट में नमूनों का मिलान हुआ। वारदात के बाद आरोपी के फरार होने से जुड़े तथ्यों को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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