हरिद्वार , सितंबर, 23 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पतंजलि वेलनेस योगग्राम, ग्राम औरंगाबाद में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण एवं समस्त पतंजलि परिवार को गुरुकुलम् के शुभारंभ पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है और देवभूमि में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् की स्थापना भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की गुरुकुल परंपरा हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। गुरुकुलों में विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी कराया जाता था। उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का समन्वय नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। 'सा विद्या या विमुक्तये' की भावना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति का समग्र विकास करना है।
श्री धामी ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में गुरुकुल शिक्षा की प्रासंगिकता और बढ़ी है। आधुनिक ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और संतुलित जीवनशैली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कौशल, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष बल दिया गया है। उत्तराखंड भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और संस्कृति के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है। इसके साथ ही विज्ञान, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल से जोड़ने और स्टार्टअप एवं इनोवेशन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन के साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् इस दिशा में महत्वपूर्ण सहयोगी साबित होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ज्ञान, संस्कार और सेवा की भावना के साथ समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।
कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक रवि बहादुर, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, संस्थान के छात्र-छात्राएं और पतंजलि परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
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