अंबिकापुर , सितंबर 10 -- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पटवारी कार्यालय में घुसकर पटवारी से मारपीट के आरोपी और आदतन बदमाश बताए गए जितेन्द्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर को जिलाधिकारी अजीत वसंत ने एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया है। इस अवधि में उसके सरगुजा सहित छह जिलों की सीमा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।
गुरुवार को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार सरगुजा पुलिस अधीक्षक ने ग्राम सोहगा, दरिमा निवासी जितेन्द्र कुजूर के खिलाफ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 (क) (ख) के तहत जिला बदर की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी की अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
रिपोर्ट के आधार पर जितेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए सुनवाई का अवसर दिया गया। अभियोजन और रिपोर्टकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर जिलाधिकारी ने राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 के तहत जिला बदर का आदेश जारी किया।
आदेश के अनुसार जितेन्द्र को 10 सितंबर 2026 से एक वर्ष की अवधि के लिए सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर जिले की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। इस दौरान वह इन छह जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
जितेन्द्र पूर्व में दरिमा भाजपा मंडल के एसटी मोर्चा का मंडल अध्यक्ष रह चुका है। उसके खिलाफ 22 अप्रैल 2026 को कंठी पटवारी कार्यालय में पटवारी प्रकाश मंडल से मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया था।
घटना के दौरान जितेन्द्र ने कार्यालय पहुंचकर पटवारी प्रकाश मंडल से आरआई अनिता राजवाड़े के संबंध में जानकारी मांगी थी। पटवारी ने बताया था कि आरआई लंच के लिए गई हैं। इसके बाद जितेन्द्र ने पटवारी से उन्हें फोन लगाने के लिए कहा। प्रकाश मंडल ने दीवार पर उनका मोबाइल नंबर लिखा होने की जानकारी देते हुए स्वयं फोन करने को कहा था और यह भी कहा था कि आरआई के फोन नहीं उठाने पर वह उनसे बात करा देंगे।
आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर जितेन्द्र ने पटवारी प्रकाश मंडल के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे ऑपरेटर के साथ भी मारपीट की गई। पटवारी कार्यालय से बाहर निकले तो आरोपी ने उन्हें लात मारी और डंडे से भी पीटा। इसके बाद पटवारी अपने कमरे में पहुंचे और अंदर से दरवाजा बंद कर खुद को बचाया।
दरिमा पुलिस ने इस मामले में जितेन्द्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
जितेन्द्र फिटनेस ट्रेनर भी है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर कथित दबंगई से जुड़े कई वीडियो पोस्ट किए गए हैं। ऐसे ही एक वीडियो में वह पिस्टल और बंदूक के साथ दिखाई देता है। सोशल मीडिया पर भाजपा विधायक प्रबोध मिंज, सांसद चिंतामणि महाराज और महापौर मंजूषा भगत के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट किए गए हैं।
जितेन्द्र को जिला बदर की कार्रवाई के बाद उसे पद से हटाए जाने को लेकर सरगुजा भाजपा की ओर से अब तक कोई बयान अथवा पत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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