पटना , अगस्त 04 -- टना सिटी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मंगल तालाब की सूरत तेजी से बदल रही है। वर्षों तक उपेक्षा का दंश झेलने वाला यह ऐतिहासिक जलाशय अब आधुनिक पर्यटन एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना के पूरा होने के बाद पटना सिटी को एक विश्वस्तरीय सार्वजनिक स्थल मिलेगा, जहां इतिहास, आस्था और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

परियोजना के तहत पर्यटन सुविधाओं के विकास पर लगभग 14 करोड़ रुपये तथा आसपास की आधारभूत एवं नागरिक सुविधाओं के विकास पर करीब 07 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और अधिकांश संरचनाएं तैयार हो चुकी हैं।

पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शेष कार्यों को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। मौजूदा वर्ष के अंत तक इसे आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी।

पुनर्विकास के बाद मंगल तालाब केवल एक जलाशय नहीं रहेगा, बल्कि यह राजधानी का नया पर्यटन आकर्षण होगा। यहां म्यूजिकल फाउंटेन, लेजर शो, बोटिंग, जॉगिंग ट्रैक, ओपन जिम, बच्चों के लिए प्ले एरिया, आकर्षक उद्यान, हरित क्षेत्र, आधुनिक लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था, फूड कोर्ट, पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी और भव्य प्रवेश द्वार विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा परिसर में ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज भी स्थापित किया जाएगा, जो इसकी नई पहचान बनेगा।

मंगल तालाब का विशेष धार्मिक महत्व भी है। मान्यता है कि सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी अपने बाल्यकाल में यहां स्नान करने आते थे। इसी कारण तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भी यह स्थल आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

मंगल तालाब के विकसित होने से पटना सिटी में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय व्यापार के साथ ही होटल, परिवहन और छोटे व्यवसायों को भी लाभ होगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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