पटना , सितंबर 08 -- टना विश्वविद्यालय में छात्रों की दस सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहा। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चिकित्सकों की टीम ने उनकी मेडिकल जांच की।
इस अवसर पर एआईएसएफ के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव विश्वजीत कुमार ने छात्रों को समर्थन देते हुए कहा कि पटना विश्वविद्यालय के कुलपति छात्रों और विश्वविद्यालय के साथ तानाशाहीपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र अपने संघर्ष के माध्यम से कुलपति को झुकने के लिए मजबूर करेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय की एडमिशन नियमावली में प्रस्तावित बदलाव पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय के छात्र ही शिक्षा से दूर हो जाएंगे।
भूख हड़ताल को समर्थन देने पहुंचे पटना विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुबोध प्रसाद ने कहा कि विश्वविद्यालय को बंद कर निजी हाथों में सौंपने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही फीस वृद्धि के कारण गरीब तबके से आने वाले छात्र बढ़ी हुई फीस का भुगतान नहीं कर पाएंगे और शिक्षा से दूर हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति छात्रों और कर्मचारियों से संवाद नहीं कर रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय की समस्याएं और गंभीर हो रही हैं।
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