, Aug. 19 -- राजद के प्रस्तावित लोकभवन मार्च को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। जेपी गोलंबर से डाक बंगला चौराहे तक मार्च के मार्ग पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए थे।

पटना के आईजी जितेंद्र राणा समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए थे। पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ तैनात किया गया था। व्यवस्था के तहत अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद ही बल प्रयोग के निर्देश दिए गए थे।

इस मार्च में शामिल राजद के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि कथित परीक्षा पेपर लीक को लेकर पूरे देश में छात्र और युवा नाराज हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन छात्रों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं की समस्याओं का समाधान कराने की मांग को लेकर है।

राजद प्रवक्ता जयंत जिज्ञासु ने कहा कि मार्च का उद्देश्य सरकार को जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकारों को प्रदर्शनकारियों से सार्थक बातचीत करनी चाहिए और उनकी जायज मांगों का समाधान निकालना चाहिए।

राजद ने इस प्रदर्शन को परीक्षा संबंधी शिकायतों, बेरोजगारी और पुलिस की कथित ज्यादतियों को लेकर बिहार सरकार और केंद्र के खिलाफ बड़े राजनीतिक आंदोलन के रूप में पेश किया है।

उल्लेखनीय है कि राजद ने बिहार में 11 साल के अंतराल के बाद राजभवन मार्च आयोजित किया है। इससे पहले पार्टी ने 2015 में जातीय जनगणना से संबंधित आंकड़े जारी करने की मांग को लेकर राजभवन मार्च किया था। इस प्रदर्शन के साथ राजद ने कई वर्षों बाद एक बार फिर सड़क पर उतरकर संघर्ष के संकेत दिए हैं।

तेजस्वी यादव ने इसके अलावा 2021 में पुलिस के अधिकारों से संबंधित प्रावधान वाले प्रस्तावित बिहार कानून के खिलाफ हुए एक बड़े प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था। उस दौरान भी उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

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