पटना , मार्च 11 -- पटना के उप- विकास आयुक्त श्रीकांत कुण्डलिक खांडेकर ने बुधवार को कहा कि जनगणना- 2027 के प्रथम चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना' के माध्यम से देश के सभी आवासीय और गैर- आवासीय भवनों की जानकारी एकत्र कर सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक स्थिति का वास्तविक आकलन किया जायेगा, जिसके आधार पर विकास योजनायें बनाई जाती हैं।

उप- विकास आयुक्त श्री खांडेकर ने ये बातें पटना समाहरणालय के सभाकक्ष में कहीं। वे जिला स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके आधार पर सरकार विभिन्न विकास योजनाओं का निर्माण करती है। उन्होंने बताया कि जनगणना- 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत सभी आवासीय और गैर- आवासीय भवनों का मकान सूचीकरण किया जायेगा, जिससे देश की सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक स्थिति का सटीक आकलन संभव होगा।

उप- विकास आयुक्त ने अधिकारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता तथा समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने की अपील की। प्रशिक्षण के दौरान मकान सूचीकरण की प्रक्रिया, भवनों की श्रेणियां, आवासीय और गैर- आवासीय इकाइयों की पहचान और आंकड़ों के संकलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

कार्यक्रम में बताया गया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण की प्रक्रिया दो मई से 31 मई तक संचालित की जायेगी। प्रशिक्षण में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और सहायक चार्ज पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।

इस दौरान अपर जिला जनगणना अधिकारी- सह- जिला योजना पदाधिकारी विदुर भारती ने कहा कि यह प्रशिक्षण जनगणना की तैयारी के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रियाओं, पोर्टल के उपयोग, डेटा संकलन और कार्यान्वयन से संबंधित आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है, जिससे जिले में जनगणना- 2027 का प्रथम चरण सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।

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