पटना , मई 22 -- िहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ बारहमासी यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति-2018 के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा ग्रामीण सड़कों के संरक्षण, सुदृढ़ीकरण और समयबद्ध अनुरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राजधानी पटना सहित पूरे पटना प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में जर्जर ग्रामीण सड़कों का बड़े पैमाने पर कायाकल्प किया गया है। इस दिशा में पटना प्रमंडल के पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर जिलों में प्रारंभिक सुधार तथा सतह नवीनीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इस अभियान के तहत हजारों किलोमीटर पुरानी और क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों को तय मानकों के अनुरूप विकसित कर ग्रामीण संपर्कता को नई मजबूती प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि पटना जिले में 1,416 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण के लिये प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिनमें से 1,341 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का प्रारंभिक सुधार कार्य और 1,346 किलोमीटर सड़कों के सतह नवीनीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वहीं नालंदा जिले में स्वीकृत 1,224 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों में से 1,117 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का प्रारंभिक सुधार कार्य एवं 1,112 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का सतह नवीनीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है।
इसके अलावा पटना प्रमंडल के शाहाबाद क्षेत्र में भी इस ग्रामीण सड़क अनुरक्षण कार्यक्रम ने यातायात की नई गति प्रदान की है। रोहतास जिले में 1,440 किलोमीटर सड़कों का प्रारंभिक सुधार का कार्य और 1,418 किलोमीटर सड़कों का सतह नवीनीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके साथ-साथ कैमूर, बक्सर और भोजपुर जिले में भी विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर सड़क अनुरक्षण कार्य सुनिश्चित किया गया है।
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