पटना, मई 15 -- बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में पटना परिमंडल में हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का कायाकल्प किया गया है। पटना परिमंडल में ग्रामीण आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति के तहत पटना परिमंडल के अंतर्गत अब तक 702 ग्रामीण पथों का अनुरक्षण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिसके माध्यम से 1,337 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों को सुदृढ़ किया गया है।

ग्रामीण सड़क निर्माण के साथ-साथ विभाग द्वारा सड़कों के गुणवत्तापूर्ण रख-रखाव पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। इस क्रम में पटना परिमंडल में 712 पथों के सतह के नवीनीकरण का कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है, जिससे 1,348 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों को सुदृढ़ किया जा चुका है। इस कार्य के अंतर्गत पुरानी ग्रामीण सड़कों की सतह को सुदृढ़ कर उन्हें अधिक टिकाऊ और सुगम बनाया गया है।

पटना परिमंडल में अनुरक्षित इन सुदृढ़ बारहमासी पक्की सड़कों के जाल का सीधा प्रभाव स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। 1,337 किलोमीटर से अधिक सुदृढ़ हुई इन सड़कों ने सुदूर गाँवों, टोलों और बसावटों से मुख्य राज्यमार्गों और महत्वूर्ण केंद्रों का सफर सुगम कर दिया है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से भी ये सड़कें ग्रामीण जनता के लिए वरदान साबित हो रहा हैं। एम्बुलेंस अब सुदूर गाँवों तक बिना किसी बाधा के हर मौसम में पहुँच पा रही हैं, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से मानसून के दौरान जलजमाव और खराब रास्तों के कारण होने वाली कठिनाइयों में उल्लेखनीय कमी आई है।

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