पटना , अप्रैल 10 -- पटना नगर निगम की ओर से मैनहोल, कैचपिट एवं स्लैब की जीआईएस टैगिंग करायी जा रही है।

इस काम के लिए सभी अंचलों में सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी तथा सहायक अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित की गई है।सर्वे टीमों को एक सप्ताह के भीतर सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही सर्वे के दौरान क्षतिग्रस्त पाए गए मैनहोल, कैचपिट एवं स्लैब की जानकारी संबंधित कार्यपालक अभियंता को उपलब्ध कराते हुए ऑन-स्पॉट मरम्मत सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जीआईएस टैगिंग के दौरान सर्वे टीम की ओर से प्रत्येक मैनहोल, कैचपिट एवं स्लैब की वस्तुस्थिति, फोटो, वीडियो, गहराई, आकार, ढक्कन की स्थिति, सिल्ट लेवल, रोड से लेवल, मटेरियल तथा अन्य तकनीकी जानकारियां संग्रहित की जा रही हैं। सभी डाटा को मुख्यालय की ओर से कसित वेब-ऐप के माध्यम से डिजिटली रिकॉर्ड किया जा रहा है।निर्देशानुसार, सभी क्षतिग्रस्त मैनहोल, कैचपिट, स्लैब एवं ढक्कनों की मरम्मत से पहले और मरम्मत के बाद की फोटो एवं वीडियो भी अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यालय की ओर से सर्वे कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही प्रतिदिन शाम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नगर आयुक्त द्वारा मानसून की तैयारियों से संबंधित कार्यों, जैसे नाला उड़ाही, नाला-सह-सड़क परियोजना, जलनिकासी व्यवस्था तथा सर्वे कार्यों की समीक्षा की जा रही है।वर्तमान में पटना नगर निगम क्षेत्रांतर्गत 53,606 मैनहोल तथा 41,594 कैचपिट हैं।

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