पटना,0 8 सितंबर (वार्ता) बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायता केंद्र से जारी आठ सितंबर की सुबह सात बजे तक के आंकड़ों के अनुसार पटना और आसपास की नदियों में पुनपुन नदी दो स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, दोनों प्रमुख स्थलों पर जलस्तर में स्थिरता अथवा गिरावट का रुख दर्ज किया गया है, जिससे तत्काल स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
विभाग के अनुसार पुनपुन नदी का फतेहपुर-पैना, पटना में जलस्तर 51.58 मीटर दर्ज किया गया, जो 51.40 मीटर के खतरे के निशान से 0.18 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर में स्थिरता बनी हुई है।
पुनपुन नदी का श्रीपालपुर, पटना में जलस्तर 53.54 मीटर दर्ज किया गया। यह 50.60 मीटर के खतरे के निशान से 2.94 मीटर ऊपर है। हालांकि, यहां नदी का जलस्तर लगातार गिरने का रुख दिखा रहा है।
इसी तरह दरधा नदी का मसौढ़ी, पटना में जलस्तर 57.51 मीटर दर्ज किया गया, जो 56.70 मीटर के खतरे के निशान से 0.81 मीटर ऊपर है। इस स्थान पर भी जलस्तर में स्थिरता दर्ज की गई है।
वहीं दरौना नदी का कोल्हाचक, पटना में जलस्तर 55.25 मीटर रहा। यह 55.48 मीटर के खतरे के निशान से नीचे, लेकिन 54.48 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है। यहां भी जलस्तर स्थिर बना हुआ है।
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों से स्पष्ट है कि पटना के आसपास पुनपुन और दरधा नदियों के कुछ स्थानों पर जलस्तर अभी खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन अधिकांश निगरानी स्थलों पर जलस्तर स्थिर या घटता हुआ दर्ज किया गया है। विभाग की ओर से लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित