पटना , मार्च 22 -- प्रदेश की गौरवशाली विरासत को संजोए और भविष्य की नई उड़ान भरने के संकल्प के साथ, पटना के गांधी मैदान में रविवार को तीन दिवसीय 114वें बिहार दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ।
बिहार दिवस के अवसर पर इस वर्ष का मुख्य विषय "उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार" है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास का प्रतिबिंब है। समारोह के पहले दिन गांधी मैदान विभिन्न विभागों के स्टॉल्स और प्रदर्शनियों से सराबोर दिखा, जहाँ शासन और प्रशासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।
समारोह में प्रमुख रूप से ग्रामीण कार्य विभाग (सुदृढ़ ग्रामीण सड़कें एवं उन्नत बिहार), सूचना एवं जन-संपर्क विभाग (नारी सशक्तिकरण), सहकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग (महिला एवं बाल विकास), स्वास्थ्य विभाग (निःशुल्क हेल्थ चेकअप एवं जागरूकता), विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी विभाग, सेबी , बिहार राष्ट्रभाषा परिषद (पुस्तक मेला), भारतीय डाक विभाग , आर्ट ऑफ लिविंग (तनाव मुक्ति), मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग (नशामुक्त बिहार), श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग (बाल श्रम मुक्त बिहार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (कृषि वानिकी एवं प्रदूषण नियंत्रण), गन्ना उद्योग विभाग (समृद्ध उद्योग), युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना तथा योजना एवं विकास विभाग (मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता) के स्टॉल्स मुख्य आकर्षण हैं।
शिक्षा विभाग के विशाल टेंट में विशेष रूप से 'मिशन निपुण बिहार', प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, गणित ओलंपियाड, क्विज प्रतियोगिता और शिक्षकों व बच्चों की सांस्कृतिक मंच पर संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
इस आयोजन में साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, भूकंप सुरक्षा के लिए सुरक्षित भवन निर्माण, सड़क सुरक्षा, 'ओ प्लस इनोवेशन' (ड्रोन तकनीक), और 'आशदीप पुनर्वास' केंद्र के माध्यम से ब्रेल लिपि की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त, मेदांता अस्पताल, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और बिहार अग्निशमन सेवा भी इसमें भाग ले रहे हैं और आगंतुकों को जरूरी संदेश दे रहे हैं।
इस अवसर पर ट्रांसजेंडर जागरूकता, शिल्प कुटीर (हस्तकला एवं क्ले आर्ट), और हृदय मेडिटेशन के स्टॉल्स ने सामाजिक समरसता और आंतरिक शांति का संदेश दे रहे हैं।
यह समारोह न केवल बिहार की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि यह आत्मनिर्भर और विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है, जहाँ हर विभाग तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल के माध्यम से प्रदेश की जनता को सशक्त बना रहा है।
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