पंढरपुर , जुलाई 25 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि पंढरपुर कॉरिडोर का विकास कार्य अगले ढाई साल में पूरा हो जाएगा और इससे श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी और किसी के साथ अन्याय भी नहीं होगा।
श्री फडणवीस आषाढ़ी शुद्ध एकादशी के मौके पर भगवान विट्ठल और देवी रुक्मिणी की महापूजा करने के बाद श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर समिति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने अपनी पत्नी अमृता फडणवीस और मानद वारकरी जोड़े बाबासाहेब माधव माने और प्रभावती माने के साथ पूजा की।
उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालु भगवान विट्ठल के दर्शन के लिए पंढरपुर आते हैं। उपलब्ध जगह हालांकि सीमित है और और सुविधाएं बनाना ज़रूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरिडोर का विकास कार्य इस साल शुरू होगा और ढाई साल में पूरा हो जाएगा।
श्री फडणवीस ने कहा कि इस परियोजना की योजना इस तरह बनाई गई है कि स्थानीय व्यापारियों का कारोबार बढ़ेगा, निवासियों को उपयुक्त घर मिलेंगे और किराएदारों के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक बार कॉरिडोर परियोजना पूरा हो जाने के बाद, पंढरपुर शहर में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या चाहे कितनी भी हो, श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं दे सकेगा।
उन्होंने इस साल की वारी के दौरान लोगों की भारी भीड़ का ज़िक्र करते हुए कहा कि दर्शन के लिए लाइन 25 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी हो गई थी और श्रद्धालु लगभग 25 घंटे तक इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लंबे इंतज़ार के बावजूद, श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ विट्ठल का नाम जपते रहे।
श्री फडणवीस ने कहा कि चंद्रभागा नदी को साफ़ रखने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं और वारकरी बस्ती वाले इलाके में भी व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे इलाके की सफ़ाई की गई है और श्रद्धालु एक बार फिर साफ़-सुथरी और सुंदर वारकरी बस्ती देख पाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वारी समाज के सभी वर्गों के लोगों को एक साथ लाती है, जिनमें किसान, खेतिहर मज़दूर, पारंपरिक सेवा समुदाय और उद्यमी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भले ही हम सीधे भगवान विट्ठल की सेवा न कर पाएं लेकिन वारकरियों और किसानों की सेवा आखिरकार विट्ठल तक ही पहुँचती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के जीवन में बदलाव लाने के लिए कई फैसले लिए हैं, जिनमें 56 लाख किसानों का कर्ज माफ करना, किसानों को मुफ्त बिजली देना और बिजली के बकाया बिल माफ करना शामिल है।
मंदिर समिति के सह-अध्यक्ष गहिनीनाथ महाराज औसेकर ने विट्ठल मंदिर के विकास के लिए सहयोग और फंड देने के लिए मुख्यमंत्री की तारीफ की। उन्होंने दर्शन के लिए लाइन में इंतजार कर रहे भक्तों के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की और कहा कि लाइन में 50,000 से 60,000 वारकरी होने के बावजूद, सरकार और प्रशासन द्वारा दी गई सुविधाओं ने तीर्थयात्रा को और अधिक आरामदायक बना दिया।
महापूजा के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस और अमृता फडणवीस ने धाराशिव जिले के कलम तालुका के गौरगांव के मानद वारकरी जोड़े, बाबासाहेब माधव माने और प्रभावती माने को सम्मानित किया। इस जोड़े को महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से मुफ्त सालाना यात्रा पास भी दिया गया।
श्री फडणवीस ने उन दिंडियों को 'श्री विट्ठल निर्मल दिंडी पुरस्कार' भी प्रदान किए जिन्होंने जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक-मुक्त वारी और वृक्ष संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाई।
श्री विट्ठल-रुक्मिणी संस्थान, कौंडण्यपुर ने पहला पुरस्कार जीता, वारकरी धर्मसंकीर्तन सेवा प्रतिष्ठान, जालना ने दूसरा जबकि आलंदी देवाची की गोरहेकर संस्था ने तीसरा पुरस्कार जीता। विजेताओं को पुरस्कार और चेक दिए गए।
इस मौके पर संरक्षक मंत्री जयकुमार गोरे, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, श्रम मंत्री एडवोकेट आकाश फंडकर, विधायक और जिले व मंदिर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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