चंडीगढ़ , मई 30 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को यहां हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सितंबर से पहले सभी कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और अन्य हितधारकों को शामिल करते हुए एक आयोजन समिति गठित करने के निर्देश दिए, ताकि सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जा सकें।

मुख्यमंत्री ने जालंधर और मोहाली में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने को भी मंजूरी दी।मान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जालंधर और मोहाली के स्टेडियमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भारतीय हॉकी महासंघ को हरसंभव सहयोग देगी ताकि राज्य में पहली बार आयोजित हो रहे इस बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को यादगार बनाया जा सके। उन्होंने कहा, "पंजाब हमेशा से हॉकी की नर्सरी रहा है। हमारी धरती पर इस तरह के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का आयोजन युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।"मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को पहली बार इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है, जो राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में एशिया की शीर्ष छह हॉकी टीमें हिस्सा लेंगी। मान ने कहा कि पंजाब सरकार खिलाड़ियों की सुरक्षा, आवास, परिवहन और अन्य सभी सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम करेगी ताकि प्रतियोगिता का आयोजन सुचारू और सफल ढंग से हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भारतीय हॉकी में योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन इसके बावजूद राज्य को अब तक किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर नहीं मिला था। उन्होंने इसे पंजाब के लिए "सपना साकार होने" जैसा बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से राज्य में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी और हॉकी के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।

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