चंडीगढ़ , मई 01 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि पंजाब और हरियाणा भले ही भौगोलिक रूप से अलग-अलग राज्य हों, लेकिन उनकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान गहराई से एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
पंजाब के पोजेवाल में सतगुरु ब्रह्मानंद जी महाराज भूरीवाले के 24वें बरसी समागम के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए श्री सैनी ने दोनों राज्यों की साझा विरासत और संत परंपरा को रेखांकित किया। इस दौरान उन्होंने संस्था को 25 लाख रुपये देने की घोषणा की, जिसमें से 11 लाख रुपये बालिका शिक्षा पहल के लिए निर्धारित किये गये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों की शिक्षाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक होती हैं। उन्होंने इसे 'वसुधैव कुटुंबकम' के आदर्श का प्रतीक बताते हुए समाज में सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सतगुरु ब्रह्मानंद जी महाराज भूरीवाले को हरियाणा में भी उतना ही सम्मान मिलता है और बड़ी संख्या में लोग उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हैं।
सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार संतों के दिखाये मार्ग पर चलते हुए गरीबों, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय की 'अंत्योदय' की अवधारणा को भी नीति-निर्माण का आधार बताया।
शिक्षा, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि संत की प्रेरणा से क्षेत्र में चार गर्ल्स कॉलेज और तीन स्कूल संचालित हो रहे हैं। साथ ही राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए 20 किलोमीटर के दायरे में शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया है।
मुख्यमंत्री ने संत के नशामुक्ति और स्वस्थ जीवन के संदेश को भी सराहा और युवाओं से अपील की कि वेअपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिकता को अपनायें।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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