चंडीगढ़ , मार्च 26 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब की वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे 'सिद्धांतविहीन और सुविधा-आधारित शासन' करार दिया है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने गुरुवार को कहा कि सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों को हल करने के बजाय केवल भ्रामक विज्ञापनों और राजनीतिक ड्रामेबाजी के सहारे राज्य चला रही है। उन्होंने दो प्रमुख मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की नैतिकता पर सवाल उठाये।

श्री कैंथ ने आरोप लगाया कि खडूर साहिब सीट से विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा द्वारा एक अनुसूचित जाति की महिला के साथ की गयी हिंसा और उत्पीड़न के मामले में उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी। यह दलित समाज और वंचित वर्गों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। सरकारी अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा के साथ हुए कथित शारीरिक हमले और मानसिक उत्पीड़न को श्री कैंथ ने 'प्रशासनिक ईमानदारी का अंत' बताया। उन्होंने कहा कि श्री लालजीत भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई न होने से अधिकारियों में असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार अपने दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व के प्रभाव में काम कर रही है। सरकार ने व्यवस्थित रूप से राज्य की आर्थिक अस्थिरता, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर मंडरा रहे खतरों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भ्रामक आख्यान तैयार किये हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि रंधावा मामले में भी कार्रवाई तभी शुरू हुई, जब भाजपा ने कड़ा हस्तक्षेप किया और दबाव बनाया। इससे साफ होता है कि सरकार अपने ही सदस्यों को बचाने के लिए कानून के शासन को कमजोर कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं के विश्वास को चोट पहुंचा रही है।

भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब के लोगों से आग्रह किया है कि वे पिछले चार वर्षों के शासन का गहन मूल्यांकन करें। पार्टी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह भ्रष्टाचार, कुशासन और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और एक पारदर्शी एवं जन-केंद्रित शासन के लिए आवाज उठाती रहेगी।

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