चंडीगढ़ , मई 12 -- शिरोमणि अकाली दल ने मंगलवार को पंजाब विजिलेंस विभाग में कथित भ्रष्टाचार मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की भूमिका की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की।

वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पंजाब विजिलेंस दफ्तर पर सीबीआई छापे ने गंभीर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विजिलेंस विभाग को 'पैसा इकट्ठा करने का केंद्र' बना दिया गया था और यह रकम ऊपर तक पहुंचाई जा रही थी।

श्री मजीठिया ने कहा कि आरोप है कि विजिलेंस प्रमुख के ओएसडी ओ.पी. राणा ने एक जांच निपटाने के लिए 20 लाख रुपये मांगे और 13 लाख रुपये लिये। उन्होंने कहा कि यदि एक मामले में इतनी रकम मांगी जा रही थी, तो विभाग में भ्रष्टाचार के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि निजी व्यक्तियों को सरकारी सुरक्षा देकर फरार होने में मदद की गयी। निजी बिचौलियों को एके-47 से लैस पंजाब पुलिस सुरक्षा किसने उपलब्ध करायी।

उन्होंने पंजाब के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भी जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने मंत्री संजीव अरोड़ा और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच कथित संबंधों की भी जांच कराने की मांग की। अकाली दल नेता ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने संस्थाओं को कमजोर किया है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।

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