फिलौर , मार्च 19 -- लुधियाना के पास स्थित गांव जस्सियां के एक दंपति की पहचान पंजाब स्टेट लॉटरी में तीन करोड़ रुपये के इनाम के विजेता के रूप में हुई है। इसके साथ ही लावारिस पड़े टिकट को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। हालांकि, जीतने वाला टिकट फिल्लौर से खरीदा गया था, जिसके कारण शुरुआत में विजेता के निवास स्थान को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।

लॉटरी का ड्रा 14 मार्च को निकाला गया था और उसी दिन आधिकारिक परिणामों की घोषणा की गयी थी। तीन करोड रुपये का पहला इनाम टिकट नंबर 791016 पर निकला था। मीडिया में इस खबर के व्यापक प्रसार के बावजूद कि विजेता अभी तक सामने नहीं आया है, उक्त दंपति को तुरंत यह अहसास नहीं हुआ कि वे ही उस भाग्यशाली टिकट के मालिक हैं।

विजेताओं ने एक बयान में बताया कि उन्होंने लावारिस पड़े इनाम के बारे में खबरें देखीं और टीवी प्रसारण भी सुने, लेकिन उन्हें लगा कि उनका इससे कोई सरोकार नहीं है। ड्रा के दो दिन बाद, जब वे फिल्लौर में लॉटरी विक्रेता के पास से गुजर रहे थे, तब उन्हें अपनी जीत के बारे में पता चला। टिकट नंबर का मिलान करने पर जब जीत की पुष्टि हुई, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यह टिकट पति द्वारा खरीदा गया था, जिसने मजाक में अपनी पत्नी को टिकट देते हुए कहा था कि यह तीन करोड़ का हो सकता है। उस समय इस बात को केवल एक मजाक के रूप में लिया गया था और किसी को भी इसके हकीकत में बदलने की उम्मीद नहीं थी।

इस दंपति के तीन विवाहित बच्चे हैं जो वर्तमान में स्टडी वीजा पर विदेश में रह रहे हैं। विजेताओं का कहना है कि उन्होंने अभी तक इनामी राशि के उपयोग की कोई ठोस योजना नहीं बनाई है, लेकिन वे इस धन का उपयोग जिम्मेदारी से करना चाहते हैं। उनकी प्राथमिकता परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ एक हिस्सा सामाजिक और धर्मार्थ कार्यों के लिए सुरक्षित रखने की है। यह मामला न केवल लॉटरी में किस्मत की भूमिका को दर्शाता है, बल्कि टिकटों के समय पर सत्यापन के महत्व को भी उजागर करता है, क्योंकि व्यापक सार्वजनिक रिपोर्टिंग के बावजूद यह जीत अनजानी रह सकती थी।

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