चंडीगढ़ , जुलाई 29 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब का खजाना, स्थानीय निकाय चुनाव और खनन क्षेत्र को लूटने के बाद अब सरकार सरकारी नौकरियों में भी हेरफेर कर रही है।
बुधवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में श्री जाखड़ ने कहा कि खुद को 'कट्टर ईमानदार' बताने वाली आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में 28 जनवरी 2026 को जारी विज्ञापन संख्या 126 के तहत पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में हुई भर्ती में कथित अनियमितताएं सामने आयी हैं। उन्होंने कहा कि एक अभ्यर्थी द्वारा पंजाब एवं हरियाणा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बाद मामले का खुलासा हुआ और उच्च न्यायालय ने इसकी जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया है।
श्री जाखड़ ने सरकार से सवाल किया कि कथित गड़बड़ियों के पीछे किसकी सिफारिश थी, इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा और क्या संबंधित मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब से बाहर आम आदमी पार्टी के नेता ईमानदारी की बात करते हैं, लेकिन पंजाब आते ही नैतिकता और पारदर्शिता को छोड़कर राजनीतिक हेरफेर की राह पर चल पड़ते हैं।
पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार दावा करते हैं कि पंजाब में बिना सिफारिश और रिश्वत के सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं, लेकिन उसी सरकार के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से इनकार करती रही, उसी प्रकार सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के उसके दावों पर भी अब लोगों का विश्वास नहीं रहा।
श्री जाखड़ ने आरोप लगाया कि ईमानदारी के नाम पर आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब को हर स्तर पर नुकसान पहुंचा रही है और अब बेरोजगार युवाओं के रोजगार के अवसरों के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी और संबंधित विभाग के मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा कब लिया जाएगा।
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