चंडीगढ़ , मार्च 03 -- पंजाब के वित्त, आबकारी और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को कहा कि राजस्व वृद्धि में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वालों में पंजाब देश के शीर्ष तीन राज्यों में है।

श्री चीमा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य का वित्तीय प्रदर्शन संरचनात्मक सुधार, राजकोषीय अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाता है।

पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य में आए निर्णायक बदलाव को रेखांकित करने के लिए विस्तृत आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पंजाब का अपना कर राजस्व 2021-22 में 37,327 करोड़ रूपये (जीएसडीपी का 6.39 प्रतिशसत) से बढ़कर 2024-25 में 57,919 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 7.15 प्रतिशत) हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से भी कम समय में आबकारी राजस्व में 86.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (शिअद-भाजपा) सरकार में पांच वर्ष का औसत 4,109 करोड़ और कांग्रेस का पांच वर्ष का औसत 5,479 करोड़ रुपये था, जबकि आप सरकार का वार्षिक औसत 9,907 करोड़ रुपये रहा है। जनवरी 2026 तक 37,975 करोड़ रुपये एकत्र किए जा चुके हैं।

आप सरकार ने जनवरी 2026 तक 83,739 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह किया है, जिससे वार्षिक औसत 21,845 करोड़ रुपये हो गया है। आप प्रशासन ने स्टैंप डयूटी में जनवरी 2026 तक 19,515 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो पिछली सरकारों के पांच साल के कार्यकाल से 60 प्रतिशत अधिक है।

मंत्री चीमा ने कहा कि उन्हें लगभग तीन लाख करोड़ का विरासत ऋण मिला था। नए ऋणों का 35 प्रतिशत हिस्सा पिछली सरकारों की देनदारियों को चुकाने में और 50 प्रतिशत पुराने ऋणों के ब्याज भुगतान में चला जाता है। केवल 15 प्रतिशत से कम राशि राज्य के उपयोग के लिए बचती है। इसके बावजूद, ऋण-जीएसडीपी अनुपात 48.25 प्रतिशत से घटकर 44.47 प्रतिशत हो गया है। सरकार ने 2016-2021 के वेतन आयोग के बकाये के 14,191 करोड़ रुपये और अन्य वित्तीय संकटग्रस्त संस्थाओं के लिए 2,566 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

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