चंडीगढ़ , सितंबर 09 -- चंडीगढ़ में पंजाब स्टूडेंट यूनियन (पीएसयू) ने पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित सीनेट चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीएसयू के प्रदेश अधिकारी रणबीर सिंह रंधावा और राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अमनदीप सिंह ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी को केंद्र के नियंत्रण में लेने की कोशिशों के खिलाफ संगठन वर्ष 2022 से संघर्ष कर रहा है। अब सीनेट चुनाव के जरिए विश्वविद्यालय में अपनी लॉबी को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीनेट पंजाब यूनिवर्सिटी की गवर्निंग बॉडी है। इसमें 47 सदस्य निर्वाचित होते हैं, जबकि करीब 44 सदस्य नामित होते हैं। इनमें प्रशासनिक अधिकारी, बोर्ड के निदेशक और अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भी सीनेट के सदस्य होते हैं।

पीएसयू नेताओं ने आरोप लगाया कि सीनेट चुनाव में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बैलेट पेपर के जरिए मतदान होता है और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इस सीट से पीएसयू की ओर से डॉ. अमनदीप सिंह उम्मीदवार हैं और उनका सीरियल नंबर 2 है।

उन्होंने कहा कि संगठन ने पंजाब के गांव-गांव जाकर नए मतदाताओं के वोट बनवाने के लिए मेहनत की है। उनका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि सीनेट को बचाना जरूरी है, क्योंकि सीनेट के अस्तित्व से ही पंजाब यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता और पंजाब से उसका संबंध मजबूत रहेगा।

पीएसयू नेताओं ने दावा किया कि मतदाता आंकड़ों के विश्लेषण के दौरान उन्हें चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़े कुछ आंकड़े मिले हैं। उन्होंने कहा कि सीनेट चुनाव के मतदान केंद्र पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों में बनाए जाते हैं, क्योंकि मतदाता अलग-अलग स्थानों पर रहते हैं। संगठन ने चुनाव संबंधी आंकड़ों की जांच कर आगे और तथ्य सामने रखने की बात कही।

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