लुधियाना , सितंबर 12 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शनिवार को राज्य में बिजली संकट को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि लुधियाना जैसे शहरों में 12 से 18 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है और लोगों को घरों में रोशनी के लिए मोमबत्तियों का सहारा लेना पड़ रहा है।

श्री वड़िंग ने कहा कि बिजली संकट का असर कृषि, उद्योग और ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बिजली की अधिकतम मांग करीब 16,000 मेगावाट है, जबकि उत्पादन लगभग 4,000 मेगावाट है। पंजाब करीब 11,500 मेगावाट बिजली बाहर से ले रहा है, इसके बावजूद मांग और उपलब्धता के बीच अंतर के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि धान की फसल को इस समय सिंचाई के लिए बिजली की सबसे अधिक जरूरत है, लेकिन लंबे बिजली कट के कारण किसान महंगे डीजल जनरेटर चलाने को मजबूर हैं। इससे किसानों की लागत बढ़ रही है और खड़ी धान की फसल सूखने का खतरा पैदा हो गया है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि औद्योगिक इकाइयों को रात आठ बजे से बंद रखने के लिए कहा जा रहा है, जबकि घरेलू इलाकों में भी लगातार बिजली कटौती हो रही है। लंबे कट के कारण इनवर्टर भी जवाब दे रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर है।

श्री वड़िंग ने कहा कि राजपुरा और तलवंडी साबो ताप बिजलीघरों की एक-एक इकाई बंद है।राजपुरा संयंत्र में करीब सात दिन और तलवंडी साबो संयंत्र में लगभग चार दिन का कोयला भंडार बचा है। उन्होंने भगवंत मान सरकार पर बिजली की बढ़ी मांग के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए कृषि, उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तत्काल निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

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