चंडीगढ़ , फरवरी 03 -- पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार लाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है। वह एएसएआर द्वारा कैनोपी के सहयोग से आयोजित एक राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
श्री खुडियां ने कहा कि पंजाब धान के अवशेषों की लंबे समय से चली आ रही चुनौती को एक शक्तिशाली आर्थिक और पारिस्थितिक अवसर में सफलतापूर्वक परिवर्तित कर रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब में फसल अवशेष प्रबंधन के प्रयास सराहनीय परिणाम दे रहे हैं, क्योंकि खरीफ सीजन 2025 में पराली जलाने की घटनाओं में 53 प्रतिशत की कमी आयी है। 2024 में यह संख्या 10,909 थी, जो घटकर 5,114 रह गयी है।
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