होशियारपुर , जून 15 -- पंजाब गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष कीमती भगत ने सोमवार को कहा कि राज्य में घूम रहे सभी बेसहारा गोवंश की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी और आगामी महीनों में उन्हें गौशालाओं, पशु तालाबों तथा अन्य आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जिला प्रशासनिक परिसर में जिला प्रशासन के अधिकारियों और विभिन्न गौशालाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कीमती भगत ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर शुरू की गयी है। इसका उद्देश्य आवारा पशुओं को सड़क दुर्घटनाओं से बचाना और उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बेसहारा गोवंश को जल्द से जल्द उपयुक्त आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाये। साथ ही नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित अभियान चलाकर आवारा पशुओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाये।
कीमती भगत ने कहा कि पशुपालन विभाग गोवंश का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करे और घायल गायों का तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने गौशालाओं के बिजली बिल माफ करने संबंधी मामलों को तैयार कर आयोग को भेजने के भी निर्देश दिये, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि गौ-सेस के रूप में एकत्रित राशि आगामी कुछ दिनों में गौशालाओं को जारी की जाये, ताकि वहां रखरखाव और देखभाल की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
उपाध्यक्ष ने बताया कि पशुपालन विभाग ने सरकारी और निजी गौशालाओं में रखी गयी गायों के चारे तथा अन्य खर्चों के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 61 रुपये प्रति गाय प्रतिदिन कर दी है। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को सड़कों पर पशुओं को छोड़ने वाले डेयरी संचालकों के खिलाफ नगर निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिये। साथ ही पुलिस विभाग को गो-तस्करी के मामलों में सख्त कदम उठाने और ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने को कहा।
कीमती भगत ने विभिन्न गौशालाओं के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। बैठक के बाद उन्होंने फालाही गांव स्थित पशु तालाब का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
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