चंडीगढ़ , जुलाई 28 -- शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पंजाब में हुए सभी पेपर लीक मामलों की पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच कराने तथा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
श्री मजीठिया ने आज यहां आयोजित प्रेस वार्ता में दावा किया कि पिछले चार वर्षों में छह बड़े पेपर लीक के मामले सामने आये हैं और अब दो अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भी गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीनियर असिस्टेंट भर्ती परीक्षा में 13 अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के अलग-अलग सेटों में एक ही प्रश्न का समान गलत उत्तर दिया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में सुनियोजित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की आशंका पैदा होती है।
उन्होंने पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) भर्ती परीक्षा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि साक्षात्कार के लिए निर्धारित 30 अंक मनमाने ढंग से दिये गये, जिसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा और सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश देने पड़े। उन्होंने कहा कि आबकारी निरीक्षक भर्ती परीक्षा में भी कथित अनियमितताओं और फर्जी संस्थानों के नाम सामने आने के बाद न्यायालय ने परीक्षा प्रक्रिया पर रोक लगायी थी।
अकाली नेता ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी यह दावा कर रही है कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के 13 मार्च 2023 के एक ट्वीट का हवाला देते हुए कहा कि उस समय स्वयं मुख्यमंत्री ने पंजाब राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक होने की बात स्वीकार की थी। उन्होंने कहा कि हाल ही में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में भी ब्लूटूथ उपकरणों के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया है, जो पूरी परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच से ही लाखों प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सकेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव होगी।
श्री मजीठिया ने सीजेपी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह दिल्ली और पंजाब के पेपर लीक मामलों में अलग-अलग रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी पंजाब में पेपर लीक के लिए आम आदमी पार्टी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराती, तो इससे यह संदेश जाएगा कि उसका आप के साथ समझौता है। उन्होंने बरनाला में महिला सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले आप विधायकों को इस घटना पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने हाल में मनरेगा कर्मचारियों और पीएसपीसीएल लाइनमैनों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया और संबंधित पुलिस अधिकारियों, विशेषकर डीएसपी सतवीर सिंह बैंस, के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने और छात्रों को किताबें उपलब्ध कराने के बजाय मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले स्कूल बैग पर लाखों रुपये खर्च कर रही है। उनके अनुसार शिक्षा से जुड़े मूल मुद्दों की अनदेखी के कारण सरकारी स्कूलों में दसवीं और बारहवीं कक्षाओं में दाखिले में गिरावट आयी है।
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