चंडीगढ़ , जुलाई 29 -- पंजाब सरकार के कराधान विभाग ने बकाया वैट की वसूली के लिए चलाये जा रहे अभियान के तहत पटियाला जिले में एक संपत्ति की नीलामी के माध्यम से 1.21 करोड़ रुपए की वसूली की, जबकि वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत एक अन्य करदाता से 18.46 लाख रुपए तत्काल जमा कराये गये।

इस संबंध में वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को राज्य के सभी पात्र बकायेदार कारोबारियों से अपील की कि वे 31 जुलाई तक ओटीएस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित कर दायित्वों का निपटारा कर लें, अन्यथा उनकी संपत्तियों की कुर्की और सार्वजनिक नीलामी जैसी सख्त कार्रवाई की जायेगी।

श्री चीमा ने बताया कि एम/एस गुरुजी फीड्स, राजपुरा पर 57.78 लाख रुपए का वैट बकाया था और उसकी संपत्ति की नीलामी 27 जुलाई 2026 को निर्धारित की गयी थी। नीलामी प्रक्रिया शुरू होने के बाद संबंधित कारोबारी ने ओटीएस योजना का लाभ उठाते हुए 18.46 लाख रुपए जमा कर मामला निपटा लिया। उन्होंने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि समय रहते ओटीएस योजना का लाभ लेकर कारोबारी अपनी संपत्ति की कुर्की और नीलामी से बच सकते हैं।

मंत्री ने बताया कि एक अन्य कार्रवाई में एम/एस समाना रोलर फ्लोर मिल लिमिटेड की संपत्ति की सफलतापूर्वक नीलामी की गयी। यह संपत्ति 74.31 लाख रुपए के आरक्षित मूल्य के मुकाबले 1.21 करोड़ रुपए में बिकी, जो आरक्षित मूल्य से लगभग Rs.46.69 लाख अधिक है। उन्होंने बताया कि नीलामी प्रक्रिया के तहत सबसे ऊंची बोली लगाने वाले से उसी दिन 30.25 लाख रुपए (बोली राशि का 25 प्रतिशत) तत्काल जमा करा लिया गया।

श्री चीमा ने कराधान विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये दोनों मामले सभी वैट बकायेदारों के लिए स्पष्ट संदेश हैं। उन्होंने कहा कि ओटीएस योजना लंबित मामलों के समाधान का सुनहरा अवसर है और पात्र कारोबारियों को इसका लाभ स्वयं उठाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि 31 जुलाई 2026 के बाद ओटीएस योजना की अवधि समाप्त होने पर किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जायेगी। जो बकायेदार निर्धारित समय तक अपना कर बकाया जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की और नीलामी सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

वित्त मंत्री ने दोहराया कि सरकार राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरे राज्य में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सख्ती के साथ बकाया कर वसूली अभियान जारी रखेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित