अमृतसर , अक्टूबर 24 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने शनिवार को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वर्ष 2022 से अब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक भी नियमित भर्ती नहीं की गयी है और प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्वीकृत 2,098 पदों में से करीब एक हजार खाली पड़े हैं।
श्री मलिक ने कहा कि सरकार दिल्ली मॉडल के नाम पर आम आदमी क्लीनिक खोल रही है, लेकिन बड़े सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि स्वास्थ्य क्रांति के दावों के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित भर्ती क्यों नहीं की गई।
भाजपा नेता के अनुसार, सर्जरी, स्त्री रोग, बाल रोग और एनेस्थीसिया जैसे महत्वपूर्ण विभागों में डॉक्टरों की कमी अधिक गंभीर है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2025 में सरकार को 78 सेवानिवृत्त विशेषज्ञ डॉक्टरों को एक वर्ष के अनुबंध पर नियुक्त करना पड़ा था। इनका अनुबंध नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है, जिससे रिक्त पदों की समस्या और बढ़ सकती है।
श्री मलिक ने सवाल किया कि यदि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो मुफ्त इलाज के सरकारी दावों का लाभ मरीजों को कैसे मिलेगा। उन्होंने राज्य सरकार से डॉक्टरों की भर्ती के संबंध में श्वेतपत्र जारी करने और रिक्त पदों को भरने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना सार्वजनिक करने की मांग की।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो पंजाब भाजपा जिला स्तर पर सरकारी अस्पतालों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी।
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