जालंधर , अक्टूबर 30 -- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब में रोजगार के अवसरों को लेकर भ्रामक दावे करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं का विदेश जाना कम होने का श्रेय मान सरकार को नहीं दिया जा सकता, क्योंकि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों ने आव्रजन नियम सख्त किए हैं।

श्री सांपला ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के उस दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार ने 70 हजार सरकारी नौकरियां देकर युवाओं के विदेश जाने के रुझान को रोका है। भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब में लंबे समय से युवा बेहतर अवसरों और सुरक्षित भविष्य की तलाश में विदेश जाते रहे हैं। अब विदेशों में आव्रजन नीतियां सख्त होने के कारण पलायन के रुझान प्रभावित हुए हैं, न कि मान सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अवसरों के कारण। उन्होंने आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अप्रैल-जून 2026 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की बेरोजगारी दर 22.3 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 15.9 प्रतिशत था। उन्होंने एक अन्य रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसी आयु वर्ग में पंजाब की 27.7 प्रतिशत युवा आबादी न तो रोजगार में है और न ही शिक्षा या प्रशिक्षण हासिल कर रही है।

श्री सांपला ने कहा कि विज्ञापनों और राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए आंकड़े पेश करने के बजाय सरकार को बताना चाहिए कि पंजाब के युवा अब भी रोजगार के लिए संघर्ष क्यों कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 70 हजार सरकारी नौकरियों की घोषणा बेरोजगारी, सीमित अवसरों और युवाओं में बढ़ती निराशा की व्यापक समस्या को छिपा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं के मुद्दों को उठाती रहेगी।

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