नयी दिल्ली , अक्टूबर 05 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने सोमवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला किया है।

श्री पात्रा ने यहाँ संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी रणबीर सिंह गुमान और उनके करीबी लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के निर्देश दिया जाना राज्य सरकार में कथित भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान ओएसडी और उनके करीबियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई को करीब दो महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि ओएसडी और कुछ अन्य अधिकारी कथित तौर पर सरकार की ओर से मिलने वाले लाभों को लोगों तक पहुंचाने में बिचौलियों की भूमिका निभा रहे थे और इसके बदले रिश्वत लिए जाने के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि इन आरोपों को लेकर अधिवक्ता निखिल शराफ ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी से इस मामले में जवाब देने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि कथित घोटाले में कितनी राशि का लेन-देन हुआ और मुख्यमंत्री के करीबी लोग इसमें किस हद तक शामिल हैं।

श्री पात्रा ने कहा कि भाजपा पहले से ही पंजाब में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठाती रही है और उच्च न्यायालय के निर्देश से उसके आरोपों की पुष्टि हुई है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पिछले 48 घंटे में राज्य में चार हत्याएं हुई हैं। उन्होंने अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एवं मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की हत्या और लुधियाना में पूर्व सरपंच नवतेज सिंह, 29 वर्षीय लाड्डी खान तथा 35 वर्षीय दिनेश कुमार की हत्या का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या अपराधियों में सरकार और पुलिस का कोई भय रह गया है।

भाजपा प्रवक्ता ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने 22 फरवरी को गुरदासपुर जिले में ड्यूटी के दौरान एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की मौत, 24 मई को अमृतसर जिले में एएसआई जोगा सिंह पर हमले तथा सितंबर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर को एएसआई जसवंत सिंह पर कथित हमले के प्रयास और 04 अक्टूबर को एएसआई सुखचैन पर गोली चलाने की घटना भी कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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