चंडीगढ़ , अगस्त 05 -- पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत से बिजली वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण का व्यापक अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य राज्यभर में उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
बिजली मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य के बिजली वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मई महीने से किसानों को प्रतिदिन आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे कृषि कार्यों में काफी सुविधा मिली है।
उन्होंने बताया कि बिजली नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने और ओवरलोडिंग कम करने के लिए 1,296 नये 11 केवी फीडर स्थापित किये गये हैं। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए 1,12,195 नये वितरण ट्रांसफार्मर लगाये गये हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत 663 सर्किट किलोमीटर 66 केवी लाइनों का विस्तार और उन्नयन किया गया है, जबकि 355 सर्किट किलोमीटर नयी 66 केवी ट्रांसमिशन लाइनें बिछायी गयी हैं। इससे बिजली व्यवस्था की क्षमता और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
विधानसभा में विधायक बलकार सिंह सिद्धू द्वारा उठाये गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए बिजली मंत्री ने बठिंडा क्षेत्र में चल रहे ट्रांसमिशन अपग्रेडेशन कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फूल और भाई रूपा के 66 केवी सब-स्टेशनों को फिलहाल 220 केवी गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट, लहरा मोहब्बत से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा लाइन पर भार कम करने और बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए लहरा मोहब्बत से फूल तक 13.2 सर्किट किलोमीटर लंबी नयी 66 केवी समर्पित ट्रांसमिशन लाइन बिछायी जा रही है। इसमें से 11.08 सर्किट किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य में आठ ट्रांसमिशन टावरों का प्रतिस्थापन और चार क्रॉसिंग संरचनाओं की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य शामिल है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
बिजली मंत्री ने बताया कि अंतरिम व्यवस्था के तहत पीएसपीसीएल ने भाई रूपा, महिराज और फूल के 66 केवी सब-स्टेशनों के बीच बिजली भार का संतुलन स्थापित किया है, जिससे मई महीने से किसानों को लगातार आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
श्री तरुणप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार बिजली क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि चल रहे विकास कार्यों से कृषि, उद्योग, व्यापार और घरेलू उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करते हुए राज्य में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
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