घनौर , सितंबर 16 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य जसमेर सिंह लछरू ने बुधवार को पंजाब में कथित लंबे बिजली कटों के विरोध में बुधवार को घनौर में प्रदर्शन किया। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर बिजली उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था के कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए राज्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए श्री लछरू ने दावा किया कि राज्य में रोजाना आठ से 10 घंटे तक औद्योगिक बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को भी 10 से 12 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार के 'बिजली क्रांति' के दावों पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने दावा किया कि राजपुरा स्थित नाभा पावर प्लांट और मानसा स्थित तलवंडी साबो पावर प्लांट की एक-एक इकाई बंद होने से करीब 1,360 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि बिजली की मांग करीब 16,500 मेगावाट तक पहुंचने के बीच इससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है और करीब 3,000 मेगावाट की कमी का दावा किया जा रहा है। उन्होंने धान के सीजन में किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई किसान सिंचाई के लिए डीजल जनरेटरों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ रही है।
श्री लछरू ने कहा कि पूर्ववर्ती शिरोमणि अकाली दल सरकार के दौरान तलवंडी साबो पावर लिमिटेड की 1,980 मेगावाट, नाभा पावर लिमिटेड की 1,400 मेगावाट और गोइंदवाल साहिब में 540 मेगावाट क्षमता वाली जीवीके परियोजनाएं स्थापित की गई थीं। उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं से पंजाब बिजली अधिक्य राज्य बना था और मौजूदा सरकार इन संयंत्रों के रखरखाव और क्षमता के उचित उपयोग में भी विफल रही है। उन्होंने पावरकॉम की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि निगम 10,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने की तैयारी में है, जबकि सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के 2,382.40 करोड़ रुपये बकाया हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली संकट का असर उद्योग, किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं की और 24 घंटे निर्बाध बिजली सुनिश्चित नहीं की तो शिअद की ओर से राज्यव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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