चंडीगढ़ , अक्टूबर 25 -- पंजाब सरकार ने किसानों को प्रमाणित गेहूं बीज रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने रविवार को बताया कि इसके तहत 2.42 लाख से अधिक किसानोंको बीज की खरीद पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। सहायता की अधिकतम सीमा प्रति हेक्टेयर 2,000 रुपये होगी।

श्री खुड्डियां ने बताया कि 4,250 रुपये प्रति क्विंटल कीमत वाला प्रमाणित गेहूं बीज सब्सिडी समायोजित करने के बाद किसानों को 2,250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिलेगा। सब्सिडी बीज की लागत के 50 प्रतिशत या प्रति हेक्टेयर 2,000 रुपये, जो भी कम हो, तक सीमित रहेगी।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने इस योजना के तहत 2,42,218 किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसे कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के बीज घटक के तहत लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सब्सिडी केवल पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना की अनुशंसित और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) अथवा पंजाब सरकार द्वारा अधिसूचित ऐसी प्रमाणित गेहूं किस्मों पर मिलेगी, जिन्हें जारी हुए 10 वर्ष से अधिक न हुए हों। बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीज संवर्धन की जिम्मेदारी संभालने वाली नोडल एजेंसियों को जवाबदेह बनाया जाएगा। श्री खुड्डियां के अनुसार, योजना का लाभ 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर जिला और ब्लॉक के निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार दिया जाएगा। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत लाभार्थियों के लिए दो वर्ष की प्रतीक्षा अवधि भी लागू होगी। विभाग लाभार्थियों, बीज की मात्रा और सब्सिडी की राशि का सत्यापन करेगा तथा अधिकारियों को पूरा रिकॉर्ड रखने केनिर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर कृषि सामग्री उपलब्ध कराना और उन पर आर्थिक बोझ कम करना है। उन्होंने किसानों से निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करने और केवल विभाग के आधिकारिक निर्देशों पर भरोसा करने की अपील की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित