चंडीगढ़ , मई 20 -- सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पंजाब फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ बलबीर सिंह के निर्देशों तथा एफडीए पंजाब की आयुक्त कंवलप्रीत बराड़ की निगरानी में सोमवार और मंगलवार को राज्यभर में दो दिवसीय पनीर सैंपलिंग अभियान चलाया।
डॉ. सिंह ने बताया कि राज्यभर में स्थानीय डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और रिटेल आउटलेट्स की जांच की गयी, जिसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से कुल 211 पनीर के नमूने एकत्र किये गये। उन्होंने कहा कि इन नमूनों को जांच के लिए मान्यता प्राप्त राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां इनमें मिलावट, संदूषण और निर्धारित गुणवत्ता मानकों की जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई फूड बिजनेस ऑपरेटर खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने लोगों से भी सतर्क रहने और खाद्य पदार्थों में मिलावट की किसी भी आशंका की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की। उन्होंने बताया कि इससे पहले छह और सात मई 2026 को राज्यभर में दो दिवसीय दूध सैंपलिंग अभियान भी चलाया गया था। इस अभियान के दौरान लिये गये 204 दूध के नमूनों में से 68 गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि एक नमूना असुरक्षित पाया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और आने वाले हफ्तों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके और 'स्वस्थ एवं रंगला पंजाब' का लक्ष्य हासिल किया जा सके। बराड़ ने कहा कि फूड सेफ्टी अधिकारी न केवल कानून लागू कर रहे हैं, बल्कि फूड बिजनेस ऑपरेटरों को स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के सही भंडारण के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाये रखना नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
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