बटाला/गुरदासपुर , अक्टूबर 20 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गुरदासपुर जिले के सीमावर्ती गांव पन्नवां पहुंचकर नशा तस्करी का विरोध करने के कारण मारे गए बिक्रमजीत सिंह के शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
पीड़ित परिजनों ने इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा। बिक्रमजीत सिंह (40) पर 15 अक्टूबर को पन्नवां गांव में धारदार हथियार से हमला किया गया था। बताया गया है कि उन्होंनेदो अन्य लोगों के साथ मिलकर नशीले पदार्थों की तस्करी का विरोध किया था। हमले में बिक्रमजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
श्री शाह ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और कहा कि केंद्र सरकार इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा दिया। परिवार ने पंजाब में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग भी की।
परिजनों ने कहा कि उन्हें राज्य सरकार और स्थानीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से न्याय की उम्मीद नहीं रह गई थी, इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है।
इस दौरान भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पंजाब की कानून-व्यवस्था तथा राज्य के युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब से नशे के कारोबार कोजड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री शाह पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात के सिलसिले में आए हैं। उनके कार्यक्रम में आगे संगरूर जिले में श्री गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात भी शामिल है। श्री गुलजार सिंह की सात सितंबर को मौत हो गई थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि अपने इलाके में नशे की आपूर्ति का मुद्दा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने उठाने के बाद कथित उत्पीड़न और जातिसूचक टिप्पणियों से परेशान होकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया था।
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