जालंधर , अक्टूबर 18 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े नेताओं के इस्तीफे राज्य में नशे की समस्या पर काबू पाने में सरकार की विफलता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि शुतराना विधानसभा क्षेत्र में नशा मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों और ब्लॉक अध्यक्षों सहित 33 नेताओं का इस्तीफा देना सरकार के कामकाज से उनकी निराशा का संकेत है।

श्री खन्ना ने रविवार को एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई में नशा मुक्ति मोर्चा को अहम भूमिका वाला संगठन बताया था, लेकिन अब इसके पदाधिकारी ही अपने पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने इसे राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय बताया। भाजपा नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी के संगठन में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं और उसके नेता पार्टी से दूरी बना रहे हैं। हालांकि, इस्तीफा देने वाले नेताओं के आरोपों पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में बयान में कोई जानकारी नहीं दी गई।

श्री खन्ना ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में भी राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा न्याय की मांग को कमजोर नहीं पड़ने देगी। उन्होंने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को पर्याप्त सुरक्षा मिलनी चाहिए।

शुतराना विधानसभा क्षेत्र में इस्तीफा देने वालों में नशा मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह विक्की, ब्लॉक अध्यक्ष के.पी. शर्मा, घग्गा ब्लॉक अध्यक्ष शक्ति गोयल, हरयाऊ ब्लॉक अध्यक्ष अमरिंदर सिंह और संयोजक नंद लाल घग्गा शामिल हैं। इस्तीफा देने वाले 33 नेताओं में 25 ब्लॉक अध्यक्ष बताए गए हैं।इन नेताओं ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार राज्य में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने में विफल रही है।

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