चंडीगढ़ , अक्टूबर 22 -- पंजाब में लंबित मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। तीन लाख से अधिक कर्मचारी लगातार तीसरे दिन सामूहिक अवकाश पर रहे।

राज्य सरकार के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को भी अपना विरोध जारी रखा। उधर, पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों ने अपनी राज्यव्यापी हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी है, जिससे बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने बुधवार शाम चार बजे मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ बैठक की। इससे पहले सरकार ने कर्मचारी संगठनों की मांग पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ हुई पिछली बैठक की कार्यवाही जारी की थी। करीब दो घंटे चली बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।आंदोलन का नेतृत्व कर रही संयुक्त कार्रवाई समिति के संयोजक सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि सरकारी कार्यालयों और निदेशालयों में कामकाज प्रभावित हुआ है।

पंजाब सिविल सचिवालय कर्मचारी यूनियन के महासचिव साहिल शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार पिछली बैठकों में उठाई जा चुकी मांगों को दोबारा रखने के लिए कहकर समाधान टाल रही है। बाद में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के 39 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन कई मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट किया कि नियमित किए गए बताए जा रहे अस्थायी शिक्षकों को केवल नौकरी की अवधि की सुरक्षा दी गई है, नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय लाभ नहीं। आंगनवाड़ी, आशा और मध्याह्न भोजन योजना के कर्मचारियों के लिए भी सरकार के पास कोई स्पष्ट कार्ययोजना नहीं होने की बात कही गई।आंदोलन की अगली रणनीति 25 अक्टूबर को लुधियाना में होने वाली बैठक में तय की जाएगी।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में महंगाई भत्ते (डीए) की लंबित किस्तों और बकाया राशि का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, ठेका कर्मचारियों को नियमित करना, पेंशन में संशोधन, बंद किए गए 37 भत्तों को बहाल करना और कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करना शामिल है। कर्मचारी केंद्रीय वेतनमान लागू करने संबंधी अधिसूचनाओं और तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि की व्यवस्था वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। यह गतिरोध 18 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी-पेंशनभोगी प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद भी जारी है। उस बैठक में मुख्यमंत्री ने एक अक्टूबर से दो किस्तों में चार-चार प्रतिशत की दर से कुल आठ प्रतिशत डीए बढ़ाने की घोषणा की थी और हर महीने नियमित बैठकें करने का आश्वासन दिया था। इस बीच, परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल भी जारी है।

कैबिनेट मंत्री के साथ बातचीत में मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों ने हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का फैसला किया। उनकी मांगों में सेवा नियमों के तहत नियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए विभाग के साथ सीधे अनुबंध और पिछले आंदोलनों से जुड़े पुलिस मामलों को वापस लेना शामिल है।कर्मचारियों के आंदोलन से राज्य में सरकारी कार्यालयों के कामकाज और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ रहा है।

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