चंडीगढ़ , अगस्त 23 -- पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
श्री सोंद ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2024-25 से पंजाब में कुल 36,792 मकानों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 17,000 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिस पर करीब 478.45 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। वहीं, शेष 19,792 मकानों का निर्माण कार्य जारी है।
मंत्री ने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों या असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
श्री सोंद ने बताया कि नियमित आवास सहायता के अलावा पंजाब में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए 360 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज भी मंजूर किया गया है। इसके तहत क्षतिग्रस्त 30,000 मकानों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का लक्ष्य रखा गया था। उन्होंने कहा कि अब तक 28,020 मकानों को मंजूरी दी जा चुकी है। पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली और दूसरी किस्त की सहायता भी हस्तांतरित की जा चुकी है, जिससे पुनर्निर्माण कार्य में तेजी आई है।
मंत्री ने कहा कि सरकार की आवास योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के जीवन में गुणात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने दोहराया कि कोई भी पात्र परिवार संसाधनों की कमी के कारण सरकारी आवास योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।
सरकारी योजना के प्रभाव का उदाहरण देते हुए फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव मचराई कलां निवासी लाभार्थी प्रीतम सिंह ने बताया कि उनका परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। बरसात के दौरान कई बार घर में पानी घुस जाता था और कमजोर दीवारों तथा छत के कारण परिवार को सुरक्षित रहने में काफी परेशानी होती थी। उन्होंने कहा कि सरकार से मिली वित्तीय सहायता से उनका परिवार पक्के मकान में रह सका है, जिससे उन्हें सुरक्षा और राहत मिली है।
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