चंडीगढ़ , जुलाई 18 -- पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (पीएसएलएसए) ने शनिवार को पूरे राज्य में परक्राम्य लिखत अधिनियम (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट), 1881 की धारा 138 से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया।
इस दौरान 4,871 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया और 130.89 करोड़ रुपये से अधिक के अवार्ड पारित किये गये।
विशेष लोक अदालत पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा के संरक्षण में आयोजित की गयी।
प्राधिकरण के अनुसार, राज्य के सभी जिलों और उपमंडलों में कुल 175 लोक अदालत बेंच गठित की गयी। इनमें 17,723 मामलों को सुनवाई के लिए रखा गया, जिनमें से 4,871 मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा किया गया। इन मामलों में करीब 130.90 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित किये गये।
प्राधिकरण ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत के माध्यम से राज्यभर के हजारों वादकारियों को एनआई एक्ट से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान मिला। इस दौरान कई लंबे समय से लंबित मामलों का भी सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में मदद मिली।
न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा ने न्यायिक अधिकारियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सामूहिक सहयोग से इस विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन संभव हो सका।
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