चंडीगढ़ , मार्च 26 -- पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक परगट सिंह ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर मीडिया की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देश भर में अपने विरोधियों और मीडिया को चुप कराने के लिए तानाशाही तरीकों का इस्तेमाल करती है, ठीक उसी तरह पंजाब में 'आप' सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर मीडिया समूहों और असहमति की आवाजों को दबा रही है।
श्री सिंह ने कहा कि 'आप' पंजाब में वही निरंकुश रवैया अपना रही है जो कथित तौर पर मोदी सरकार भारतभर में अपने कारनामों को उजागर होने से रोकने के लिए कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ महीने पहले मोहाली की अदालत ने स्पष्ट किया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है और केवल वही वीडियो हटाये जाने चाहिए, जिनमें कथित तौर पर झूठे दावे हों। इसके बावजूद, पंजाब पुलिस ने 22 और पोस्ट हटाने के नोटिस जारी किये हैं, जिनमें कई मीडिया रिपोर्ट्स भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 'एक्स' के कर्मचारियों को भी कार्रवाई की धमकी दी गयी, जिसके कारण 'एक्स' को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। यह असहमति की आवाजों को दबाने के लिए भाजपा और आप दोनों द्वारा सत्ता का खुला दुरुपयोग है। उन्होंने कहा कि भाजपा के आदेश पर चुनाव आयोग ने 'एक्स' पर मामला दर्ज किया क्योंकि एक यूजर ने प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग के बीच गठबंधन को उजागर करने वाला वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में 'आप' भी इसी तरह की तानाशाही की सीमाओं को पार कर रही है। श्री सिंह ने कहा कि सत्ता में आने के लिए 'आप' ने अनगिनत झूठे वादे किये और लोगों को गुमराह किया। अब इन वादों को एक भ्रामक अभियान के हिस्से के रूप में सोशल मीडिया पर प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि'आप' इन झूठों को बढ़ावा देने के लिए प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। पंजाब के सार्वजनिक धन को भ्रामक अभियानों पर बर्बाद किया जा रहा है। जो मीडिया समूह या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ सरकार प्रतिशोध की कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रही है।
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