चंडीगढ़ , अक्टूबर 26 -- पंजाब सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान अंतरजातीय विवाह करने वाले 1,353 जोड़ों को 4.06 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य जातिगत भेदभाव को कम करना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पात्र दंपति को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें से 30 हजार रुपये आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे जमा किए जाते हैं, जबकि शेष 20 हजार रुपये डाकघर के माध्यम से राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) के रूप में दिए जाते हैं। डॉ कौर के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए पति-पत्नी में से एक का अनुसूचित जाति और दूसरे का गैर-अनुसूचित जाति से होना जरूरी है। विवाह के समय वर की आयु कम से कम 21 वर्ष और वधू की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। पात्र दंपति विवाह की तारीख से तीन वर्ष के भीतर सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार जातिगत भेदभाव से मुक्त समाज के निर्माण और समानता, आपसी सम्मान तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अंतरजातीय विवाहों को सामाजिक बदलाव का माध्यम बताते हुए पात्र दंपतियों से निर्धारित अवधि के भीतर योजना का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग का प्रयास है कि सभी पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सहायता उपलब्ध कराई जाए।
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