फगवाड़ा/कपूरथला , जुलाई 30 -- पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का गुरुवार को फगवाड़ा और कपूरथला में व्यापक असर देखने को मिला।

बंद के समर्थन में अधिकांश बाजार, निजी शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। वहीं, फगवाड़ा नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल भी चौथे दिन जारी रही, जिससे आंदोलन को और बल मिला। हालांकि आवश्यक सेवाएं, सरकारी कार्यालय, बैंक और सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से चलते रहे तथा पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था शांतिपूर्ण बनी रही।

प्रदर्शनकारियों ने बरनाला घटना में कथित रूप से शामिल पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और थाना प्रभारी (एसएचओ) को बर्खास्त करने, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, पीड़ितों को न्याय, वाल्मीकि समाज के संवैधानिक अधिकारों और सम्मान की रक्षा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की। उनका कहना था कि सरकार की ओर से अब तक उठाए गए कदम समुदाय की चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

फगवाड़ा में बंद का असर 70 प्रतिशत से अधिक रहा और करीब 80 प्रतिशत व्यापारिक प्रतिष्ठान दिनभर बंद रहे। निजी स्कूलों ने अवकाश घोषित किया, जबकि सरकारी स्कूल सामान्य रूप से खुले रहे। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) और जीएनए विश्वविद्यालय में शैक्षणिक कक्षाएं स्थगित रहीं, हालांकि प्रवेश संबंधी गतिविधियां जारी रहीं।

सरकारी कार्यालय, बैंक और अन्य सार्वजनिक संस्थान सामान्य रूप से कार्य चल रहा है। शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात हैं और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने लगातार स्थिति पर नजर रखी हुयी है। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

कपूरथला में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला, जहां लगभग 80 प्रतिशत दुकानें बंद रहीं। मेडिकल स्टोर, कुछ किराना दुकानें और सब्जी मंडी खुली रही, जबकि स्कूलों में अवकाश रहा। सरकारी बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। भुलत्थ में भी अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बैंक खुले रहे, लेकिन लेन-देन बेहद कम रहा।

फगवाड़ा नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। भगवान वाल्मीकि एक्शन कमेटी के सदस्यों के साथ कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

भगवान वाल्मीकि एक्शन कमेटी के अध्यक्ष धर्मवीर सेठी ने कहा कि बरनाला घटना में न्याय मिलने और कर्मचारियों की लंबित मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों के वेतन दोगुना करने की घोषणा उनकी मूल मांगों का समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन की सबसे बड़ी मांग बरनाला मामले में कथित रूप से शामिल डीएसपी और एसएचओ को तत्काल बर्खास्त करना है। उनके अनुसार समुदाय आर्थिक राहत नहीं बल्कि न्याय और जवाबदेही चाहता है।

धर्मवीर सेठी ने कहा कि नगर निगम कर्मचारी लंबे समय से ठेका कर्मचारियों को नियमित करने, सेवा संबंधी लंबित मांगों के समाधान, बेहतर कार्य परिस्थितियां और सरकारी आश्वासनों को लागू करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सार्थक बातचीत शुरू नहीं की और ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फगवाड़ा के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे दिखाई दिए और कई स्थानों पर सीवरेज जाम होने की समस्या भी सामने आई। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने पूरे दिन सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और बंद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी प्रकार की हिंसा या आवश्यक सेवाओं में बाधा की सूचना नहीं मिली। बंद और हड़ताल के संयुक्त प्रभाव ने वाल्मीकि समाज की न्याय की मांग तथा नगर निगम कर्मचारियों की नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर बढ़ते जनसमर्थन को उजागर किया।

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