नूरमहल/नकोदर , जून 19 -- पंजाब के नूरमहल में पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस द्वारा हाल ही में शुरू किया गया लोक शिकायत निवारण प्रणाली (पीजीडी) ऑनलाइन शिकायत पोर्टल नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के उद्देश्य से बनाया गया था लेकिन तकनीकी खामियों के कारण यह लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई पुलिस थानों में शिकायतकर्ताओं को लिखित शिकायत देने के बजाय केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा जा रहा है। पोर्टल पर हालांकि तकनीकी दिक्कतों, शिकायत दर्ज न होने और शिकायत संख्या जारी न होने जैसी समस्याओं के चलते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों ने भी चिंता व्यक्त की है कि केवल ऑनलाइन व्यवस्था का हवाला देकर लिखित शिकायतें स्वीकार न करना लोगों की न्याय तक पहुंच को प्रभावित कर सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता सिंह ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पोर्टल का तकनीकी ऑडिट कराने तथा सभी पुलिस थानों को निर्देश जारी करने की मांग की है कि जब तक ऑनलाइन प्रणाली पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाती, तब तक लिखित शिकायतें भी स्वीकार की जाएं।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण का स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन तकनीकी खामियों के कारण नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि तकनीक लोगों की सुविधा का माध्यम बने, न्याय प्राप्त करने में बाधा नहीं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही पोर्टल की कमियों को दूर नहीं किया गया तो आम लोगों का ऑनलाइन व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है।
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